"अघोरी साधु क्यों खाते हैं इंसानी राख? जानिए उनकी रहस्यमयी साधना और तंत्र परंपरा का सच।" 

अघोरी साधु हिंदू धर्म के वो साधु हैं जो श्मशान घाट पर रहते हैं और समाज से अलग जीवन जीते हैं।

ये साधु कठोर तपस्या करते हैं, श्मशान में रहते हैं और मृत्यु को जीवन का एक हिस्सा मानते हैं। 

अघोरी साधु मानते हैं कि राख खाना माया-मोह से मुक्ति और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने का साधन है।

कहा जाता है कि अघोरी साधु तंत्र-मंत्र और सिद्धियों की साधना के लिए इंसानी खोपड़ी और राख का उपयोग करते हैं। 

कुछ लोग इन्हें डरावना मानते हैं, लेकिन वास्तव में ये साधु आत्मा की मुक्ति और परम शक्ति की खोज में लगे रहते हैं। 

इनकी साधना आज भी एक अनसुलझा रहस्य है जो आस्था और अध्यात्म दोनों से जुड़ा है।