बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता परेश रावल ने हाल ही में एक ऐसा खुलासा किया है जिसने उनके प्रशंसकों को हैरान कर दिया है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा, “हां, एक समय था जब मैं अपना ही मूत्र पीता था।” यह सुनकर किसी को भी झटका लग सकता है, लेकिन इसके पीछे की वजह जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
आयुर्वेद और ‘मूत्र चिकित्सा’ का प्रभाव
परेश रावल ने बताया कि यह कोई सनक नहीं थी, बल्कि यह एक आयुर्वेदिक पद्धति से प्रेरित निर्णय था, जिसे मूत्र चिकित्सा कहा जाता है। इस पद्धति के अनुसार, सुबह का पहला मूत्र शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होता है और कई तरह की बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह आदत उन्होंने किसी आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह पर कुछ समय के लिए अपनाई थी, और उन्हें इससे स्वास्थ्य लाभ महसूस हुए।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने इसे ‘हिम्मती कदम’ बताया, तो कुछ ने मजाक उड़ाया। लेकिन परेश रावल ने इस पर चुप्पी साधे रखी और किसी भी ट्रोल का जवाब नहीं दिया। उनके फैंस का कहना है कि वह हमेशा से ही अपनी बात स्पष्ट और बेबाकी से रखने वाले कलाकार रहे हैं।
परेश रावल और उनका अलग अंदाज़

यह पहली बार नहीं है जब परेश रावल ने किसी अनोखी बात को सार्वजनिक किया हो। वह हमेशा विवादों से डरने के बजाय खुलकर अपनी राय रखने वाले शख्स के रूप में जाने जाते हैं। चाहे सामाजिक मुद्दे हों, राजनीति, या फिर स्वास्थ्य—वह हर विषय पर खुलकर बात करते हैं।
निष्कर्ष:
परेश रावल का यह बयान भले ही कुछ लोगों को अजीब लगे, लेकिन यह एक पुरानी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति पर आधारित है, जिसे भारत में सदियों से कुछ लोग अपनाते आए हैं। उनके इस अनुभव से यह भी साबित होता है कि स्वास्थ्य के लिए लोग किस हद तक जाकर प्रयोग कर सकते हैं।
क्या आप मूत्र चिकित्सा के बारे में पहले से जानते थे? क्या आप इसे एक विकल्प के रूप में देख सकते हैं? नीचे कमेंट में जरूर बताएं!
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